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nawazuddin siddiqui interview with AIB team

'वासेपुर के बाद बहुत सारे चरसी, गंजेड़ी लोग हमको फ़ोन करने लगे, बोले नवाज़ भाई माल है, आ जाओ!'

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी उर्फ़ 'फैज़ल खान'। वो हीरा जिसको सालों पत्थर समझ के सड़क पर ही छोड़ दिया गया था। लेकिन ज्यादा दिन तक नहीं चल सका ये सब। बॉलीवुड के इस नए दौर में हीरो की परिभाषा बदलने वाला। एकदम झक्खी। पियोर हिंदी वाला टाईप। और 'हां! बे हम हिंदी वाले हैं', इस ठसक में जीने वाला। वो लड़का जो उत्तर प्रदेश में पैदा हुआ। बुढ़ाना में। मुज़फ्फरनगर जिले का एक छोटा सा तहसील। विज्ञान का स्टूडेंट। लेकिन उसको निकलना था इस जगह से बाहर। इसको स्टार बनना था। 

शक्ल से एकदम निहायत ही गरीब आदमी। कोई देखे तो भीड़ में खड़ा होने का रोल देदे। लेकिन ये कलाकार था। उसको बाहर निकालना था। अंदर रोल नहीं मिलने के कारण आग लगा हुआ था। लेकिन समय को कौन पकड़ सका है। इसके समय ने भी पलटी मारी। काम मिला। किसी को इसको अंदर का वो हीरा दिख गया। अब बस उसे मार्केट में उतार देना था। खरीदने वालों की लाईन तो लगनी ही थी। 

कहता है, मैं न एक्टिंग थोड़ी फ़ैल के करता हूं, एकदम ठसक में। एक अंग्रेजी टीवी के सीरीज के लिए एक्टिंग किया। उसमें भी ठसक से। अपनी औकात समझ गया है। इसे पता चल गया है, ये वो बेसकीमती हीरा है जिसको उसकी चमक बतानी नहीं पड़ेगी। सामने वाले की चौंधियाती नज़रें अपने आप ही बता देती हैं। वो क्या चीज़ है। 

AIB का नाम तो आपलोगों ने सुना ही होगा। 'ऑल इंडिया बक***द'। स्टार लगा के 100 ग्राम संस्कार बचाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। बस, ये है कि आहत करने का इरादा नहीं था आज! हां, तो AIB वालों ने इनका इंटरव्यू लिया। और लिया क्या मतलब बैठ के खालिस बकैती चल रहा था। लेकिन ये जो भी चल रहा था। भयंकर मजेदार है। मतलब नवाज़ुद्दीन ने फिल्मों को लेकर और अपनी लाईफ को लेकर बातों को इतने प्यार से खुलकर बताया है न! कसम से क्या कहें नीचे वीडियो है देख ही लीजिए। 

जैसे उदाहरण के तौर पर: गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के बाद सब गंजेड़ी, नसेड़ी लोग का फ़ोन आने लगा था कि नवाज़ भाई माल है यहां चलेगा क्या? 
मेरी एक फिल्म की हीरोइन फिल्म छोड़ के भाग गई थी क्योंकि उसको मुझे किस नहीं करना था.... 
 

देखिए..देखिए वीडियो देखिए मज़ा आएगा...  


Firkee.in मज़ा मिलेगा, खोज के हम निकालेंगे! 

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Synopsis
'वासेपुर के बाद बहुत सारे चरसी, गंजेड़ी लोग हमको फ़ोन करने लगे, बोले नवाज़ भाई माल है, आ जाओ!'