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Some party workers put M. tech students facebook post on horading outside her house

इस लड़की के साथ जो हुआ उसके बाद फ़ेसबुक पर लिखने से पहले 100 बार सोचेंगे कोलकाता के लोग

फेसबुक को आप किस तरह से देखते हैं? आप इसका इस्तेमाल किस लिए और किस तरह से करना पसंद करते हैं और आपके आस-पास के लोग फेसबुक के किस हिस्से को सबसे ज़्यादा पसंद करते हैं? आप में से बहुतों को तस्वीरें खींचना और फिर उन्हें लोगों के साथ साझा करना पसंद होगा तो बहुतों की डाएरी के पन्ने अब फेसबुक की वॉल पर खुलते हैं। फेसबुक की शुरुआत भले ही केवल दोस्त बनाने के लिए हुआ हो पर समय के साथ इसका जौनर बदल चुका है। अब लोग इसका इस्तेमाल अलग ढंग से करते हैं।


कुछ लोगों के लिए फेसबुक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक मंच बन गया है तो कुछ के लिए उस स्वतंत्रता को छीनने का ज़रिया। यहां ऐसे लोग भी मौजूद हैं जो तर्क-वितर्क में विश्वास रखते हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो गाली-गलौज में। कईयों के फेसबुक पोस्ट लड़ाई-झगड़े और गिरफ्तारियों का कारण बने हैं। ऐसी ही एक मिलती-जुलती घटना कोलकाता से सामने आई हैं जहां एक एम टेक स्टूडेंट ने अपने राज्य की मुख्यमंत्री (जो कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई हैं) द्वारा कराये गए आयोजन पर कुछ सवाल उठाए और उसके बाद उस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसकी नाक में दम कर दिया।

क्या था पूरा मामला

राजश्री चट्टोपाध्याय राजाबाज़ार साइंस कॉलेज से एम टेक कर रही हैं। पिछले दिनों कोलकाता में दुर्गा पूजा कार्निवल हुआ था जिसमें कोलकाता की कुछ बेहद लोकप्रिय दुर्गा पंडालों की परेड जैसी निकाली गई थी। इस छात्रा ने इस पूरे फंक्शन पर आपत्ति जताते हुए लिखा... "Bhashane Haribol! Mananiya apni chuloi jaan”। कुलमिलाकर उसे इस कार्निवल पर खर्च किये गए पैसे से दिक्कत थी। इसपर उसके कुछ दोस्त सहमत थे तो कुछ असहमत। काएदे से बात यहीं ख़त्म हो जानी चाहिए थी पर इस देश में कुछ भी काएदे से होता ही कहां है?

ये पोस्ट राजश्री ने लिखा था बीते शुक्रवार की शाम को और बीते रविवार उसके पड़ोसियों ने उसे जो बताया उसे सुनकर और देखकर वो हैरान रह गई। तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने इस फेसबुक पोस्ट को एक बड़े से होर्डिंग में बदल दिया था और उसके घरके सामने टांग दिया था। इसके बाद कई महिला कार्यकर्ता उसके घर के बाहर इकट्ठा हो गईं और राजश्री से सार्वजनिक रूप से अपने इस पोस्ट पर माफ़ी मांगने को कहने लगीं। राजश्री कहती हैं कि उनके पड़ोसियों ने आकर बीचबचाव किया और उन महिलाओं को वहां से जाने पर मजबूर होना पड़ा।


राजश्री ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि सरकार दुर्गा पूजा पर करोड़ों रूपए खर्च करती है और पूजा कराने वाले ये क्लब मंत्रियों द्वारा संचालित होते हैं। मुझे ये थोड़ा अजीब लगा कि राज्य कर्मचारियों को उनका डी ए नहीं दिया जा रहा है क्योंकि पैसों की कमी चल रही है वहीं दूसरी तरफ़ पूजा पर इतने पैसे खर्च किए जा रहे हैं। मैंने एक टैक्स पएर के रूप में एक सीधा सा सवाल किया जिसपर कि मेरे दोस्तों के साथ एक बहस हुई और बात ख़त्म हो गई। राजश्री कहती हैं कि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कुछ गलत किया लेकिन जब उन्हें इस होर्डिंग का पता चला तो वो हैरान रह गईं।

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Synopsis
एक एम टेक स्टूडेंट ने अपने राज्य की मुख्यमंत्री द्वारा कराये गए आयोजन पर कुछ सवाल उठाए और उसके बाद उस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसकी नाक में दम कर दिया।