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Trailer of Dangal is out now and it clearly reminds of some other movie

'दंगल' ट्रेलर: अबकी बार महावीर फोगाट की छोरियां लाएंगी मैडल

इंतज़ार ख़त्म हुआ!

दोस्तों जिस ट्रेलर का हम और आप महीनों से इंतज़ार कर रहे थे आखिरकार वो आज हम सबके सामने आ ही गया है। आमिर खान के लिए ये मशहूर है कि वो साल में एक ही फ़िल्म करते हैं पर वो बेहद दमदार होती है और सारे रिकॉर्ड तोड़ जाती है। तो ट्रेलर आ चुका है और इसके आने के साथ ही इसके बारे में चर्चाएँ भी शुरू हो जाएंगी।

इस फ़िल्म की टैग लाइन ही आपको साड़ी कहानी बता देगी, "म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के?"
 

ट्रेलर में क्या है?

महावीर फ़ोगाट एक पूर्व रेसलर हैं और वो हमेशा से ही भारत के लिए गोल्ड लेकर लाना चाहते थे, पर ऐसा हो नहीं सका और तभी से उनकी ये चाहत थी कि उनका एक छोरा हो जो कि उनके अधूरे सपने को पूरा कर सके। लेकिन उनकी तीन बेटियां हैं और चौथी भी बेटी होती है इसपर वो निराश दिखते हैं और उनकी बीवी (साक्षी तंवर) इस बात के लिए उनसे माफ़ी मांगती हैं।

इसपर वो ये क्लियर करते हैं कि मई अपनी बेटियों को बहुत चाहता हूं पर मेरा जो सपना है उसे सिर्फ़ छोरा ही पूरा कर सकता है. तभी एक दिन कुछ पड़ोसी अपने लड़कों को लेकर आते हैं जिन्हें की किसी ने बेहद बुरी तरह मारा ह। माहवीर इस बात को लेकर अपने भतीजे पर नाराज़ होते हैं तभी साक्षी आकर बताती हैं कि इनको उनकी बेटियों गीता और बबिता ने मारा है।

आमिर खान उन लड़कों की हालत और अपनी बेटियों की ताकत देखकर हैरान रह जाते हैं और सोचते हैं कि मेरा सपना इस देश के लिए गोल्ड जीतने का है और उसे तो मेरी बेटियां भी पूरा कर सकती हैं। और यहां से शुरू होती है कड़ी मेहनत। कुश्तियों का दौर चल पड़ता है और दोनों बेटियां और उनके पिता अपने लक्ष्य के पीछे जी-जान से लग जाते हैं। 

आपको इस ट्रेलर को देखकर तुरंत ही सुल्तान फ़िल्म की याद आ जाएगी. इसके एक सीन में आमिर खान वैसे ही स्कूटर पर आते नज़र आ रहे हैं जैसे सलमान अपने दफ़्तर जाया करते थे. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि दोनों ही फ़िल्मों की पृष्ठभूमि बिल्कुल एक जैसी है. आमिर भी उसी तरह से हरयाणवी बोलते नज़र आ रहे हैं जैसे सलमान. सारे भारतीय गांव भी एक जैसे ही लगते हैं. तो सवाल ये है कि इस फ़िल्म में अलग क्या है?

वो बात जो इस फ़िल्म को सुल्तान से अलग बनाती है वो है इसका सब्जेक्ट। सुल्तान फ़िल्म के नायक का कुश्ती में आने का कारण कहीं न कहीं उसकी नाइका से प्रेम था और बाद में उसके लगातार जीतने के बाद उसमें एक दंभ आ जाता है।

यहां इस फ़िल्म के नायक का सपना ही देश के लिए गोल्ड जीतने का है। जैसे ही उसे अपनी बेटियों में हुनर नज़र आता है वो तुरंत उनपर मेहनत करना शुरू कर देता है। कहीं न कहीं इस फ़िल्म में लड़कियों के छोटे बाल उन्हें और ज़्यादा ठेठ बनाते हैं क्योंकि अपने बाल कटवाकर वो कहीं न कहीं अपने सिर से वो बोझ हटा देती हैं जो कि एक औरत पर होता है, अच्छे बालों के साथ सुन्दर दिखने का। 

लेकिन इसी के साथ एक सीन में वो ख़ुद को आईने में निहारती भी नज़र आती हैं। ज़ाहिर है इन बेटियों के ऊपर कहीं न कहीं अपने पिता के सपनों को पूरा करने की एक ज़िम्मेदारी साफ़ दिखाई दे रही है जिसे वो किसी भी हाल में पूरा करना चाहती हैं। एक जगह शायद किसी शादी में उनकी बेटियां नाचती हैं और आमिर किसी को ज़ोर से थप्पड़ मारते हैं और अगले ही सीन में कहते हैं कि मेरे सपने के बीच जो आएगा मैं उसके साथ ऐसा ही करूंगा। इसके बाद लड़कियों का लड़कों के साथ कुश्ती लड़ता हुआ सीन है और म्यूज़िक भी ऐसा जानदार है जिसको सुनकर हर दर्शक उत्साहित हो जाता है और उसे ऐसा लगता है कि वो ख़ुद रिंग में उतरा हुआ है।

ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि इस फ़िल्म में मानवीय संवेदनाएं कहीं अधिक देखने को मिलेंगी। एक बाप जो अपनी बेटियों के माध्यम से अपना सपना पूरा करना चाहता है बेटियां क्या चाहती हैं और उनकी मानसिक स्थिति क्या है ये फ़िल्म देखकर ही पता चलेगा।

तो बस इंतज़ार है 23 दिसंबर का, कमर कस लीजिए!


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Synopsis
जिसका हम सब महीनों से इंतज़ार कर रहे थे वो घड़ी आखिर आ ही गई है! फ़िल्म दंगल का ट्रेलर आ चुका है.