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When women will be allowed in home temple in periods

पीरियड्स में महिलाओं के लिए कब खुलेंगे घर के मंदिर?

क़रीब दो हफ़्ते पहले मेरी एक नई नवेली शादीशुदा सहेली ने मुझे बताया कि वह अपना पहला तीज का व्रत रखने की तैयारी कर रही थीं। तीज मुख्यतः उत्तर भारत में मनाया जाने वाला एक हिंदू पर्व है जिसे शादीशुदा ज़िंदगी में ख़ुशहाली की प्रार्थना करते हुए मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने के लिए शादीशुदा हिंदू महिलाएँ दिनभर उपवास रखती हैं और रात को पहर दर पहर पूजा करती हैं। फ़ोन पर बात करते वक़्त मुझे अपनी सहेली की आवाज़ में बहुत उत्साह और ख़ुशी महसूस हुई।

उन्होंने तीज पर पहनने के लिए एक नई साड़ी ली थी और दोनों हाथों में मेंहदी भी लगवाई थी। उनकी ख़ुशी देखकर मैं भी उनके लिए ख़ुश थी। पर ठीक तीज की सुबह उनको पीरियड्स शुरू हो गए। इसके बाद उनके मायक़े और ससुराल दोनों तरफ़ की माओं ने उन्हें व्रत और पूजा करने से मना कर दिया। घर की दूसरी बुज़ुर्ग औरतों ने भी उन्हें पूजा के कमरे से दूर रहने की हिदायत दी और कहा कि वो ग़लती से भी पूजा से जुड़ा सामान न छुएँ। यह भी कहा गया कि वह घर की बाक़ी व्रती महिलाओं से भी दूर रहें।
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घर के मंदिर में प्रवेश और पीरियड्स

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Synopsis
2006 में 'इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन' ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करके मंदिर में जारी इस प्रावधान को चुनौती दी।

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