Firkee Logo
Home History Case Against Ram And Laxman
सीता को इंसाफ दिलाने के लिए इस शख्स ने किया भगवान राम पर मुकदमा

सीता को इंसाफ दिलाने के लिए इस शख्स ने किया भगवान राम पर मुकदमा

दुनिया में वैसे मुजरिमों की कौन सी कमी थी जो लोग अब अदालतों में भगवान को खड़ा करने लगे हैं.. हां जी ये सच है। 2012 में आई फिल्म 'OMG' जिसमें कांजी भाई भगवान के खिलाफ मुकदमा करता है, तब पूरी दुनिया में खलबली मच जाती है। अब वो तो बस एक फिल्म थी लेकिन ये तो हकीकत है और ये मुकदमा तो उस भगवान राम के खिलाफ है जिस पर सबसे ज्यादा सियासत होती रही है। आइए बताते हैं आखिर ये माजरा क्या है।

क्या है मामला7xBaRVr

बिहार के सीतामढ़ी में डुमरी कला गांव निवासी वकील ठाकुर चंदन सिंह ने सीजेएम कोर्ट में भगवान राम और लक्ष्मण के खिलाफ महिला उत्पीड़न का केस दर्ज किया है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि त्रेता युग में भगवान राम ने एक धोबी की बातों में आकर अपनी पत्नी सीता का परित्याग कर दिया। इस मामले में सीतामढ़ी कोर्ट में जल्द ही सुनवाई होगी। अगर कोर्ट अर्जी स्वीकार कर लेता है तो भगवान राम और लक्ष्मण को कोर्ट में हाजिरी देनी होगी... अब ये तो हद ही हो गई, इन्होंने तो भगवान को भी नहीं बख्शा...चलो इसी बहाने लोगों को भगवान के दर्शन तो हो जाएंगे।

किसने दर्ज कराया भगवान के खिलाफ मुकदमाram_145422395049_650x425_013116125004

मुकदमा करने वाला शख्स है वकील ठाकुर चंदन सिंह। चंदन सिंह का आरोप है कि एक धोबी की बात सुनकर भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता को घर से निकाल दिया। ऐसा कर उन्होंने सीता पर अत्याचार किया है।

मिथिला के बेटी से इंसाफ मिलना चाहिएshow720203y45492223649899c

केस दर्ज कराने वाले चंदन ने कहा कि वह भी मिथिला में पैदा हुए और सीता भी मिथिला में ही पैदा हुई थीं। लेकिन अयोध्या नरेश ने मिथिला की बेटी के साथ इंसाफ नहीं किया। सीता मैया को न्याय दिलाने के लिए यह केस दर्ज कराया है। मेरा मकसद सिर्फ सीता को न्याय दिलाना है।

सीता को न्याय नहीं मिला तो आज की नारी को भी नहीं मिलेगा न्यायSita_Bhum_Pravesh

चंदन सिंह का मानना है कि स्त्री उत्पीड़न त्रेता युग में ही शुरू हो गया था। इसलिए जब तक त्रेता युग की नारी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कलियुग की नारी को भी न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने राम के विवेक पर भी सवाल उठाया है। कहा है, इस पर बहस होनी चाहिए कि क्या राम का विवेक सही था।
Share your opinion:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree