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A father died of brain hemorrhage because he decided to fight against a stalker

एक सनकी लड़के से अपनी बेटी को बचाने में एक बार फिर पिता ने अपनी जान गंवा दी


एक बच्चा अपनी मां और पापा के हाथों में खुद को सबसे ज़्यादा सुरक्षित महसूस करता है। जन्म से ही वो अपनी मां को उसकी ख़ुशबू से पहचानने लगता है और उसकी गोद में जाकर ही शांत होता है। इस बात को मारुती जेन्युइन पार्ट्स के एक ऐड में बखूबी दिखाया गया था और ये विज्ञापन भी बेहद क्यूट था। मां बाप हमेशा अपने बच्चों का भला चाहते हैं और उनको किसी भी मुसीबत में देख झट से होशियार हो जाते हैं और हर तकलीफ़ का डंट का सामना करते हैं।

हमारे भारतीय समाज में कई जगह लड़की होने को अच्छा नहीं माना जाता, इसके अपने कारण हैं। कारण वो अजीबो-गरीब मान्यताएं हैं जिनकी वजह से कुछ लोग लड़कियों को बोझ समझते हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ ऐसे लोग भी हैं जो लड़का-लड़की में बिल्कुल भेदभाव नहीं करते। जेंडर इन लोगों के लिए कोई मायने नहीं रखता और ऐसे लोग अपनी लड़कियों का पालन-पोषण बहुत अच्छे से करते हैं और उन्हें एक मज़बूत नागरिक के रूप में तैयार करते हैं जो कि सारे अधिकारों की हक़दार है, अपने कर्त्तव्य निभाती है और इनके लिए किसी भी आम इंसान की तरह लड़ सकती है।

लेकिन इसी समाज में शायद पहली वाली कैटेगरी के लोग अधिक संख्या में हैं। आप ये भी नहीं कह सकते कि ये लोग पढ़े लिखे नहीं हैं बस दिक्कत ये है कि शायद इनके घर में कई पीढ़ियों से यही सिखाया जा रहा है कि लड़कियों की बिल्कुल इज्ज़त नहीं की जानी चाहिए। ये ऐसे घर होते हैं जहां घर की किसी भी महिला सदस्य को सम्मान नहीं दिया जाता और धीरे-धीरे इन महिलाओं को भी इसकी आदत पड़ जाती है। इन्हीं घरों से निकलते हैं वो बिगडै़ल लड़के जो अपने आगे किसी को भी कुछ नहीं समझते और लड़कियां तो उन्हें अपनी गुलाम लगती हैं।

क्योंकि हमारे समाज में स्त्रियों को इज्ज़त के साथ जोड़ दिया गया है, इसलिए ये अपने घर की स्त्रियों पर तो रोक लगाते ही हैं साथ ही किसी अन्य स्त्री को भी कुछ नहीं समझते। असल में ये सब इन पुरुषों ने अपने बाप-दादा से सीखा होता है। इनकी मां भी इन्हें कुछ सही बात नहीं सिखा पाती क्योंकि सालों के बुरे बर्ताव के बाद उनकी सोचने-समझने की शक्ति ख़त्म हो जाती है और उन्हें लगता है कि लड़कियों को हमेशा पुरुषों के संरक्षण में रहना चाहिए।

यही वजह है कि एक महिला मित्र बन जाने पर पुरुष समझते हैं कि समाज में उनकी इज्ज़त बढ़ गई है। और साथ ही प्रस्ताव ठुकराए जाने पर इन्हें बहुत बेईज्ज़ती महसूस होती है और इसके बाद ये लग जाते हैं लड़की को सबक सिखाने की प्रक्रिया में। और इस दौरान ऐसे पुरुष कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि उन्हें अपनी सो कॉल्ड इज्ज़त बचानी होती है। यकीन मानिए इज्ज़त शब्द को भले ही महिलाओं के साथ जोड़ा जाता हो लेकिन इसकी सबसे ज़्यादा चिंता पुरुषों को ही होती है। यही कारण है कि इसे उन्होंने महिलाओं के सिर मढ़ दिया है।

वैसे तो भारत में ईव टीज़िन्ग की घटना एक आम बात है और लोग इसे सुनकर हैरान भी नहीं होते। अगर किसी की तरफ़ छोटे-मोटे कमेंट पास किये जाएं तो इसे कोई बड़ी बात नहीं माना जाता क्योंकि लड़कों को लगता है कि ये हक़ वो संविधान से लेकर आये हैं। लेकिन कल एक पिता ने अपने बच्चे की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी।
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Synopsis
अपनी बेटी के लिए परेशान एक पिता को एक सिरफ़िरे ने इतना मारा कि उनकी मौत हो गई.

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